मोहाली से फगवाड़ा 60 मिनट में
चंडीगढ़
मोहाली से फगवाड़ा का ढाई घंटे का सफर जल्द ही एक घंटे में तय किया जा सकेगा। दोनों शहरों के बीच सिक्स लेन एक्सप्रेस हाईवे बनाने का डिजाइन तैयार कर लिया गया है। जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार बुधवार को सेक्शन चार का नोटिस देने जा रही है।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल का दावा है कि दो साल में यह हाईवे बनकर तैयार हो जाएगा। उनका यह भी दावा है कि यह देश का पहला एक्सप्रेस हाईवे होगा जिस पर दूरी के हिसाब से टोल टैक्स वसूला जाएगा। हाईवे पर हर दो किलोमीटर बाद सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जो वाहनों और दूसरी गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
यह कैमरे एक कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। हाईवे पर किसी किस्म की दुर्घटना होने पर कंट्रोल रूम से तुरंत एंबूलेंस-क्रेन भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इस एक्सप्रेस हाईवे को मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी लिंक किया गया है। सुखबीर बादल ने मंगलवार किसी कंपनी के सीईओ की तरह इस एक्सप्रेस हाईवे की प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस हाईवे पर पांच हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे जबकि तीन हजार एकड़ जमीन अधिगृहीत की जाएगी।
1900 करोड़ रुपए की भूमि राज्य सरकार द्वारा अधिगृहीत की जाएगी जबकि इस पर खर्च होने वाले 3100 करोड़ हाईवे बनाने वाली निजी कम्पनी खर्च करेगी। बिल्ट,ऑपरेट एंड ट्रांसफर नीति के तहत बनने वाला यह एक्सप्रेस हाईवे तीस साल के लिए कम्पनी को दिया जाएगा।
पीआईडीबी के पास इस समय 1400 करोड़ रुपए हैं जबकि एक हजार करोड़ की एसबीआई ने कर्ज के रूप में सेंक्शन दे दी है। मोहाली से फगवाड़ा तक बनने वाला हाईवे वर्तमान दूरी को 50 किलोमीटर के लगभग कम कर देगा। इस एक्सप्रेस हाईवे का एक लिंक लालड़ू से बद्दी तक भी बनाया जाएगा जो 45 किलोमीटर है।
मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने वाले लोगों के लिए यह बहुत बड़ी सुविधा होगी। गांवों को क्रॉस करने वाली सड़कों को अंडरग्राउंड किया जाएगा ताकि हाईवे पर किसी किस्म का व्यवधान न पड़े। पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट आदि भी बनाए जाने की व्यवस्था की गई है। हाईवे का डिजाइन अमरीकी कम्पनी लुइस बर्जर ने तैयार किया है। जल्द ही इसके लिए निविदाएं मांगी जा रही हैं। Source By-Bhaskar.com
पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है विषैला धूमकेतु
लंदन.
अंतरिक्ष में जहरीली गैसें छोड़ रहा एक पुच्छल तारा पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। लेकिन, इतना घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह हमसे 38 करोड़ मील की दूरी से होकर गुजर जाएगा। ल्यूलिन नामक धूमकेतु अजीब से हरे रंग से चमक रहा है और किसी दूरबीन के बिना ही देखा जा सकेगा।
इसे सिर्फ एक साल पहले ही देखा गया है। यह पहली बार हमारे आंतरिक सौर मंडल की ओर बढ़ रहा है। यह पृथ्वी के सबसे नजदीक 24 फरवरी को होगा। तब यह हमारे ग्रह से 38 करोड़ मील की दूरी से होकर निकल जाएगा।
मंगल ग्रह जब पृथ्वी के सबसे नजदीक आया था तब वह करीब 34 करोड़ 60 लाख मील दूर था। ल्यूलिन का हरा रंग उन गैसों की वजह से है जो अंतरिक्ष में बृहस्पति ग्रह के आकार जितने क्षेत्र में फैली हुई हैं। इस पुच्छल तारे के केंद्र से निकलने वाली गैसों में सायनोजन और डायटॉमिक कार्बन शामिल हैं।
सायनोजन कई धूमकेतुओं में पाई जाने वाली जहरीली गैस है। ये दोनों पदार्थ अंतरिक्ष में सूर्य की रोशनी के कारण हरे रंग में चमकते हैं। नासा के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह 24 फरवरी को दक्षिणी आकाश में भोर होने से कुछ पहले दिखाई दे सकता है।Source By-Bhaskar.com